बाहर पूछने के बजाए खुद से पूछने लगा क्या सच में यह आजादी है ? बाहर पूछने के बजाए खुद से पूछने लगा क्या सच में यह आजादी है ?
बंद कर ले आँखों को, इनमें वो चेहरा सा है। बंद कर ले आँखों को, इनमें वो चेहरा सा है।
मुनासिब होगा, ताउम्र गुनाहगार रहें शर्तों पर मुआफ़ी, ना दो मुझे… मुनासिब होगा, ताउम्र गुनाहगार रहें शर्तों पर मुआफ़ी, ना दो मुझे…
मैं मैं
बेखौफ सी यादें तेरी दिन रात घूमती हैं दिलो दिमाग में मेरे। बेखौफ सी यादें तेरी दिन रात घूमती हैं दिलो दिमाग में मेरे।
मैं अभिशप्ता.... मैं अभिशप्ता....